नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार ने एक और बड़ा वैचारिक वादा पूरा कर दिया है। भारी हंगामे और लंबी बहस के बाद, राज्यसभा ने भी समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक, 2025 को पारित कर दिया है। लोकसभा इसे मानसून सत्र में ही पास कर चुकी थी।
कानून मंत्री ने कहा, "आज का दिन लैंगिक समानता और न्याय के लिए ऐतिहासिक है। अब देश में एक विधान, एक निशान और एक प्रधान की परिकल्पना पूरी तरह साकार हुई है।" इस कानून के तहत विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार के नियम सभी धर्मों के नागरिकों के लिए समान होंगे।
विपक्षी दलों ने इसे संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह कानून बन जाएगा। देश भर में इसके समर्थन और विरोध में रैलियां निकाली गईं।