मुंबई: गांधी जयंती (2 अक्टूबर 2025) के अवसर पर भारत ने डिजिटल संप्रभुता (Digital Sovereignty) की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाई है। रिलायंस जियो और आईआईटी बॉम्बे के कंसोर्टियम ने देश का पहला सॉवरेन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल 'BharatGPT' (हनुमान) लॉन्च किया है। यह मॉडल 22 भारतीय भाषाओं को समझने और बोलने में सक्षम है, जो इसे पश्चिमी एआई मॉडल्स से अलग बनाता है।
लॉन्च इवेंट में मुकेश अंबानी ने कहा, "भारत डेटा का उपभोग करने वाला नहीं, बल्कि डेटा से ज्ञान बनाने वाला देश बनेगा। BharatGPT भारत की भाषाई विविधता और सांस्कृतिक संदर्भों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।" यह मॉडल टेक्स्ट, वॉइस और वीडियो तीनों फॉर्मेट में काम करेगा। इसका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सरकारी सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में किया जाएगा।
सबसे खास बात यह है कि इसका डेटा भारत में ही रहेगा, जो डेटा प्राइवेसी की चिंताओं को दूर करता है। यह चैटजीपीटी (OpenAI) और जेमिनी (Google) की तरह काम करेगा, लेकिन हिंदी, तमिल, तेलुगु, मराठी जैसी भाषाओं में इसकी पकड़ बहुत सटीक है।
Image Credit: AI Generated
सरकार ने इसे 'डिजिटल इंडिया 2.0' का आधार बताया है। अब किसान अपनी भाषा में खेती के सवाल पूछ सकेंगे और छात्र अपनी मातृभाषा में कोडिंग सीख सकेंगे।