ओस्लो: वर्ष 2024 का नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) जापानी संस्था 'निहोन हिडांक्यो' (Nihon Hidankyo) को देने की घोषणा की गई है। यह संगठन हिरोशिमा और नागासाकी के परमाणु बम हमलों में बचे लोगों (Hibakusha) का एक जमीनी आंदोलन है, जो परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया के लिए दशकों से संघर्ष कर रहा है।
नोबेल समिति ने कहा कि इस समूह को "परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ वर्जना (Taboo) को मजबूत करने" के प्रयासों के लिए सम्मानित किया जा रहा है। आज की दुनिया में जब रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व में परमाणु युद्ध का खतरा मंडरा रहा है, यह पुरस्कार एक कड़ा संदेश देता है।
विजेताओं ने कहा कि परमाणु हथियार शांति नहीं लाते, बल्कि विनाश लाते हैं। उन्होंने दुनिया के नेताओं से परमाणु निरस्त्रीकरण की अपील की। यह पुरस्कार ऐसे समय में दिया गया है जब 'परमाणु वर्जना' कमजोर होती दिख रही है।