चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर सभी एग्जिट पोल्स (Exit Polls) को गलत साबित कर दिया है। 10 साल की एंटी-इनकंबेंसी के बावजूद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में ऐतिहासिक वापसी करते हुए लगातार तीसरी बार सरकार बना ली है। 90 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 48 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया, जबकि जीत का दावा कर रही कांग्रेस 37 सीटों पर सिमट गई।
जाट vs नॉन-जाट का कार्ड चला
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, भाजपा का 'नॉन-जाट' ध्रुवीकरण और ओबीसी वोट बैंक पर फोकस काम कर गया। साथ ही, कांग्रेस के अंदरूनी कलह (हुड्डा बनाम शैलजा) ने उसे ले डूबा। सुबह रुझानों में कांग्रेस आगे थी और दफ्तरों में जलेबियां बंटने लगी थीं, लेकिन शाम होते-होते बाजी पलट गई। पीएम मोदी ने इसे 'सुशासन की जीत' बताया।
विनेश फोगाट जीतीं, लेकिन पार्टी हारी
ओलंपियन और कांग्रेस प्रत्याशी विनेश फोगाट ने जुलाना सीट से जीत दर्ज की, लेकिन वे अपनी पार्टी को सत्ता में नहीं ला सकीं। नायब सिंह सैनी का सीएम चेहरा और अमित शाह की रणनीति ने भाजपा को सत्ता विरोधी लहर से बचा लिया।