हरियाणा विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक और चौंकाने वाली जीत का असर सीधे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर दिख रहा है। तमाम एग्जिट पोल्स (Exit Polls) को गलत साबित करते हुए भाजपा ने हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनाकर इतिहास रच दिया है। इस जीत ने लोकसभा चुनाव के झटकों से मायूस यूपी भाजपा कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी है।
'बंटेंगे तो कटेंगे' नारे की गूंज: राजनीतिक विश्लेषक इस जीत का बड़ा श्रेय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस नारे को दे रहे हैं, जो उन्होंने आगरा की एक रैली में दिया था—"बंटेंगे तो कटेंगे"। हरियाणा चुनाव प्रचार के दौरान यह नारा हिंदू मतों के ध्रुवीकरण (Consolidation) का केंद्र बना। आरएसएस (RSS) और भाजपा ने इसे एकता के मंत्र के रूप में प्रचारित किया, जिसका नतीजा ईवीएम में साफ दिखाई दिया।
अखिलेश की उम्मीदों पर पानी फिरा: हरियाणा में कांग्रेस की हार से समाजवादी पार्टी (SP) को भी झटका लगा है। अखिलेश यादव उम्मीद कर रहे थे कि अगर कांग्रेस जीतती है, तो 'INDIA' गठबंधन की लहर यूपी के आगामी उपचुनावों में भी काम करेगी। लेकिन अब भाजपा का मनोबल सातवें आसमान पर है।
यूपी उपचुनावों पर असर: इस जीत के बाद अब यूपी की 9 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों (By-elections) के लिए भाजपा ने अपनी रणनीति और आक्रामक कर दी है। लखनऊ भाजपा कार्यालय में ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया। पार्टी नेताओं का कहना है कि हरियाणा ने संदेश दे दिया है कि जनता अभी भी मोदी-योगी मॉडल पर भरोसा करती है।