चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों ने सभी एग्जिट पोल्स को गलत साबित कर दिया है। 8 अक्टूबर को आए नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए लगातार तीसरी बार राज्य में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। 90 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 48 सीटें जीतीं, जबकि जीत का दावा कर रही कांग्रेस 37 सीटों पर सिमट गई।
चुनाव से ठीक पहले मनोहर लाल खट्टर को हटाकर नायब सिंह सैनी को सीएम बनाने का भाजपा का दांव सफल रहा। जाट और गैर-जाट वोटों का ध्रुवीकरण और कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी (हुड्डा बनाम शैलजा) ने भगवा पार्टी की राह आसान कर दी। विनेश फोगाट जुलाना सीट से जीत गईं, लेकिन उनकी पार्टी (कांग्रेस) सरकार नहीं बना सकी।
पीएम मोदी ने इसे 'विकास और सुशासन की जीत' बताया। वहीं, जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन ने जीत दर्ज की, लेकिन हरियाणा की हार ने कांग्रेस के मनोबल को बड़ा झटका दिया है।