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मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में दशहरे की रात (12 अक्टूबर) एक ऐसी वारदात हुई जिसने 90 के दशक के अंडरवर्ल्ड के खौफ की यादें ताजा कर दीं। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी (अजित पवार गुट) के कद्दावर नेता बाबा सिद्दीकी (Baba Siddique) की बांद्रा ईस्ट में उनके बेटे जीशान सिद्दीकी के दफ्तर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। 66 वर्षीय सिद्दीकी पर उस वक्त हमला हुआ जब वे अपनी कार में बैठने जा रहे थे। हमलावरों ने आतिशबाजी के शोर का फायदा उठाते हुए उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। उन्हें तुरंत लीलावती अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कबूलनामा
हत्या के 24 घंटे के भीतर ही कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) के गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस हत्या की जिम्मेदारी ली। पोस्ट में लिखा गया, "जो भी सलमान खान और दाऊद गैंग की मदद करेगा, उसका यही अंजाम होगा।" बाबा सिद्दीकी बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के बेहद करीबी माने जाते थे और उनकी इफ्तार पार्टियां पूरे बॉलीवुड में मशहूर थीं। पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन शूटरों को गिरफ्तार किया है, जो हरियाणा और यूपी के रहने वाले हैं। जांच में पता चला है कि हत्या की साजिश कई महीनों से रची जा रही थी और शूटरों ने रेकी की थी।
मुंबई पुलिस हाई अलर्ट पर, सलमान की सुरक्षा Y+
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर के बाद मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि बाबा सिद्दीकी को पहले से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं और उन्हें वाई (Y) श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी। घटना के बाद सलमान खान के घर 'गैलेक्सी अपार्टमेंट' की सुरक्षा को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दोषियों को न बख्शने का वादा किया है और केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की बात कही है। इस हत्या ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।