नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता आतिशी (Atishi) ने 21 सितंबर को दिल्ली की 8वीं मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद एक चौंकाने वाले फैसले में सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि वे तब तक सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे जब तक जनता उन्हें 'ईमानदारी का सर्टिफिकेट' नहीं दे देती।
आतिशी (43 वर्ष) दिल्ली की अब तक की सबसे युवा मुख्यमंत्री हैं और सुषमा स्वराज व शीला दीक्षित के बाद इस पद को संभालने वाली तीसरी महिला हैं। शपथ लेने के बाद उन्होंने एक अनोखा कदम उठाते हुए सीएम की कुर्सी खाली छोड़ दी और बगल में एक दूसरी कुर्सी पर बैठीं। उन्होंने कहा कि "यह कुर्सी अरविंद केजरीवाल का इंतजार कर रही है, जैसे भरत ने भगवान राम की खड़ाऊं रखकर राज किया था।"
बीजेपी ने इसे 'ड्रामा' करार दिया। आतिशी के सामने अब विधानसभा चुनाव (फरवरी 2025) से पहले दिल्ली के रुके हुए कामों को पूरा करने की बड़ी चुनौती है। उनके कैबिनेट में सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय और कैलाश गहलोत समेत 5 मंत्री शामिल हैं।