बुडापेस्ट (हंगरी): भारतीय शतरंज के लिए 22 सितंबर का दिन ऐतिहासिक रहा। 45वें शतरंज ओलंपियाड (Chess Olympiad) में भारत ने क्लीन स्वीप करते हुए ओपन (पुरुष) और महिला दोनों श्रेणियों में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर दुनिया को हैरान कर दिया। यह पहली बार है जब भारत ने शतरंज ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीता है, और वह भी दोनों वर्गों में एक साथ।
युवा ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश (D Gukesh) और अर्जुन एरिगैसी ने पुरुष टीम का नेतृत्व किया, जबकि महिला टीम में दिव्या देशमुख और वंतिका अग्रवाल ने शानदार खेल दिखाया। गुकेश ने टूर्नामेंट में अजेय रहकर साबित कर दिया कि वे विश्व चैंपियन बनने के प्रबल दावेदार हैं। विश्वनाथन आनंद ने इसे भारतीय शतरंज के लिए 'जादुई पल' बताया।
पीएम मोदी ने एक्स (ट्विटर) पर टीम को बधाई देते हुए कहा, "भारत के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हमारे युवाओं को प्रेरित करेगी।" भारत अब सोवियत संघ और चीन के बाद एक ही ओलंपियाड में दोनों गोल्ड जीतने वाला तीसरा देश बन गया है।