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अमरावती/तिरुपति: दुनिया के सबसे अमीर हिंदू मंदिरों में से एक, आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji Temple) के पवित्र 'लड्डू प्रसादम' को लेकर एक ऐसा विवाद खड़ा हुआ है जिसने करोड़ों हिंदुओं की आस्था को चोट पहुंचाई है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पिछली जगन मोहन रेड्डी सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रसादम बनाने में इस्तेमाल होने वाले शुद्ध देसी घी में "जानवरों की चर्बी" (Animal Fat) और मछली का तेल मिलवाया था।
NDDB की लैब रिपोर्ट में खुलासा
इस दावे के समर्थन में टीडीपी (TDP) ने गुजरात स्थित राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की एक लैब रिपोर्ट सार्वजनिक की। रिपोर्ट में कथित तौर पर घी के नमूनों में 'बीफ टैलो' (गोमांस की चर्बी), 'लार्ड' (सुअर की चर्बी) और मछली के तेल की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। यह खबर फैलते ही श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया। वाईएसआर कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित और भगवान का अपमान बताया है।
शुद्धिकरण और प्रायश्चित दीक्षा
विवाद के बाद मंदिर प्रशासन (TTD) ने 'शांति होमम' और 'महा संप्रोक्षण' (शुद्धिकरण) पूजा का आयोजन किया। डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने इसे "सनातन धर्म पर हमला" बताते हुए 11 दिन की 'प्रायश्चित दीक्षा' शुरू की। केंद्र सरकार ने भी मामले की रिपोर्ट तलब की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। अब मंदिर में घी की आपूर्ति के लिए नंदिनी ब्रांड (कर्नाटक मिल्क फेडरेशन) को दोबारा ठेका दिया गया है।