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ढाका/नई दिल्ली: भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में आज (5 अगस्त) लोकतंत्र धराशायी हो गया। सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ शुरू हुए छात्र आंदोलन ने इतना उग्र रूप ले लिया कि प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) को अपनी जान बचाने के लिए इस्तीफा देना पड़ा और देश छोड़कर भागना पड़ा। वे सेना के विशेष विमान से भारत के गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पहुंचीं, जहां भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने उनसे मुलाकात की।
ढाका में अराजकता, मुजीब की मूर्ति तोड़ी
हसीना के देश छोड़ते ही ढाका में अराजकता फैल गई। हजारों प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री आवास (गणभवन) में घुस गए और वहां जमकर लूटपाट की। उन्होंने फर्नीचर, कपड़े, और यहां तक कि खाने-पीने का सामान भी लूट लिया। बांग्लादेश के संस्थापक और शेख हसीना के पिता 'बंगबंधु' शेख मुजीबुर रहमान की विशाल प्रतिमा को भीड़ ने हथौड़ों से तोड़ दिया। संसद भवन में भी तोड़फोड़ की गई।
हिंदुओं पर हमले, भारत अलर्ट
संकट के बीच बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं और उनके मंदिरों पर हमलों की खबरें भी सामने आईं। इस्कॉन मंदिर और कई घरों में आग लगा दी गई। भारत ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को हाई अलर्ट पर रखा है। बांग्लादेश सेना प्रमुख वकर-उज-जमां ने अंतरिम सरकार बनाने की घोषणा की है। नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाया गया है। भारत इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है क्योंकि यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।