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Wayanad Landslides: केरल में कुदरत का कहर, वायनाड में पहाड़ खिसकने से 400 से ज्यादा मौतें; पूरे गांव मलबे में दबे, सेना का रेस्क्यू जारी

Wayanad Landslide Disaster
Image Source: Wikimedia Commons (Representative)

वायनाड (केरल): "ईश्वर का अपना देश" (God's Own Country) कहा जाने वाला केरल आज आंसुओं में डूबा है। 30 जुलाई की अलसुबह वायनाड जिले के मेप्पडी के पास मुंडक्कई और चूरलमाला गांवों में हुए भीषण भूस्खलन (Landslides) ने तबाही मचा दी है। भारी बारिश के बाद पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर रिहायशी इलाकों पर आ गिरा, जिससे सोते हुए सैकड़ों लोग मलबे में जिंदा दफन हो गए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मरने वालों की संख्या 400 के पार पहुंच गई है और सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं।

नदी ने बदला रास्ता, पुल बहे

तबाही का मंजर ऐसा था कि इरुवांजिपुझा नदी ने अपना रास्ता बदल लिया और पूरे बाजार को बहा ले गई। गांवों को जोड़ने वाला मुख्य पुल भी टूट गया, जिससे राहत कार्य में भारी दिक्कतें आईं। भारतीय सेना ने तुरंत मोर्चा संभाला और एक अस्थायी 'बेली ब्रिज' (Bailey Bridge) बनाकर संपर्क बहाल किया। वायुसेना के हेलिकॉप्टरों ने छतों पर फंसे लोगों को एयरलिफ्ट किया।

राहुल गांधी और प्रियंका पहुंचे

वायनाड के पूर्व सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और पीड़ितों से मुलाकात की। वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी घाट (Western Ghats) में अवैध निर्माण और जलवायु परिवर्तन इस त्रासदी के मुख्य कारण हैं। यह केरल के इतिहास की सबसे भयानक प्राकृतिक आपदाओं में से एक है।

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