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नई दिल्ली/न्यू यॉर्क: 19 जुलाई 2024 की सुबह दुनिया भर के कंप्यूटर स्क्रीन पर अचानक एक नीले रंग की मौत की स्क्रीन (Blue Screen of Death - BSOD) छा गई। एक छोटे से सॉफ्टवेयर अपडेट ने पूरी दुनिया की डिजिटल व्यवस्था को घुटनों पर ला दिया। साइबर सुरक्षा फर्म CrowdStrike द्वारा जारी किए गए एक दोषपूर्ण अपडेट ने माइक्रोसॉफ्ट विंडोज (Microsoft Windows) सिस्टम को क्रैश कर दिया, जिससे इतिहास का सबसे बड़ा आईटी आउटेज (IT Outage) हुआ।
हवाई अड्डों पर पर्ची से बने बोर्डिंग पास
इस आउटेज का सबसे बुरा असर एविएशन सेक्टर पर पड़ा। भारत समेत दुनिया भर में हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु एयरपोर्ट पर चेक-इन सिस्टम बंद हो गए, जिसके बाद एयरलाइंस कर्मचारियों को हाथ से लिखकर (Handwritten) बोर्डिंग पास जारी करने पड़े। अमेरिका में 911 इमरजेंसी सेवाएं ठप हो गईं, यूके में स्काई न्यूज का प्रसारण बंद हो गया और ऑस्ट्रेलिया में सुपरमार्केट के चेकआउट काउंटर काम करना बंद कर दिए।
अरबों डॉलर का नुकसान
CrowdStrike के सीईओ जॉर्ज कुर्ट्ज ने माफी मांगते हुए कहा कि यह कोई साइबर हमला नहीं था, बल्कि एक तकनीकी गड़बड़ी थी। हालांकि, इसे ठीक करने में आईटी इंजीनियरों को कई दिन लग गए। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस घटना से वैश्विक अर्थव्यवस्था को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है। इसने यह भी दिखा दिया कि दुनिया का इंफ्रास्ट्रक्चर कुछ चुनिंदा सॉफ्टवेयर कंपनियों पर कितना ज्यादा निर्भर है।