नई दिल्ली/न्यूयॉर्क: 19 जुलाई को दुनिया भर में एक अभूतपूर्व तकनीकी संकट (Global IT Outage) देखने को मिला। साइबर सुरक्षा फर्म CrowdStrike के एक सॉफ्टवेयर अपडेट में गड़बड़ी के कारण माइक्रोसॉफ्ट विंडोज (Microsoft Windows) सिस्टम क्रैश हो गए, जिससे कंप्यूटर स्क्रीन्स पर कुख्यात 'ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ' (BSOD) दिखाई देने लगी।
इस गड़बड़ी का असर विमानन, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा और मीडिया सेक्टर पर पड़ा। भारत में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु समेत कई एयरपोर्ट्स पर चेक-इन सिस्टम ठप हो गए, जिससे एयरलाइंस (IndiGo, SpiceJet) को हाथ से लिखे हुए (Handwritten) बोर्डिंग पास जारी करने पड़े। हजारों उड़ानें रद्द या लेट हो गईं।
CrowdStrike के सीईओ जॉर्ज कुर्ट्ज ने माफी मांगी और स्पष्ट किया कि यह कोई साइबर हमला नहीं था, बल्कि एक अपडेट की खराबी थी। हालांकि, इसे ठीक करने में आईटी टीमों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। यह घटना दिखाती है कि दुनिया डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर कितनी निर्भर और नाजुक है।