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Electoral Bonds Data: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद SBI ने खोला राज; चुनावी चंदे का कच्चा-चिट्ठा आया सामने, 'फ्यूचर गेमिंग' ने दिया सबसे ज्यादा पैसा

Supreme Court Electoral Bonds
Image Source: Wikimedia Commons

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से ठीक पहले देश की राजनीति में भूचाल लाने वाला इलेक्टोरल बॉन्ड (Electoral Bonds) का डेटा आखिरकार सार्वजनिक हो गया है। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ द्वारा इस योजना को 'असंवैधानिक' घोषित करने और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को फटकार लगाने के बाद, चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर दाताओं और प्राप्तकर्ताओं की पूरी सूची अपलोड कर दी है।

लॉटरी किंग और मेघा इंजीनियरिंग टॉप पर

डेटा से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सबसे ज्यादा चंदा देने वाली कंपनी 'फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज' (लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन) निकली, जिसने 1,368 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे। दूसरे नंबर पर हैदराबाद की 'मेघा इंजीनियरिंग' (966 करोड़) रही। यह भी सामने आया कि कई कंपनियों ने ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) के छापों के तुरंत बाद चंदा दिया, जिसे विपक्ष ने 'हफ्ता वसूली' और 'क्विड प्रो क्वो' (लेन-देन) का नाम दिया है।

किसे मिला कितना माल?

आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सबसे ज्यादा लगभग 6,060 करोड़ रुपये (कुल चंदे का करीब 47%) मिले। तृणमूल कांग्रेस (TMC) 1,610 करोड़ के साथ दूसरे और कांग्रेस 1,421 करोड़ के साथ तीसरे स्थान पर रही। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के इस फैसले को पारदर्शिता की जीत बताया जा रहा है, हालांकि यह बहस अभी भी जारी है कि क्या इससे राजनीति में काले धन पर रोक लगेगी।

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