नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले मोदी सरकार ने अपना बड़ा दांव चल दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आज शाम (11 मार्च) नागरिकता संशोधन अधिनियम (Citizenship Amendment Act - CAA) की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही आज से यह कानून पूरे देश में लागू हो गया है। संसद से पास होने के 4 साल बाद इसे अमल में लाया गया है।
किसे मिलेगी नागरिकता?
इस कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई) को भारतीय नागरिकता दी जाएगी। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया गया है, जहां आवेदक बिना किसी दस्तावेज के भी आवेदन कर सकेंगे। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "यह कानून किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं, बल्कि देने के लिए है।"
विपक्ष और मुस्लिम संगठनों का विरोध
ममता बनर्जी और ओवैसी समेत विपक्षी नेताओं ने टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए इसे 'वोट बैंक की राजनीति' और 'सांप्रदायिक' बताया है। दिल्ली के शाहीन बाग और जामिया के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि 2020 जैसे हालात दोबारा न बनें।