नई दिल्ली: साल के अंत में कोरोना वायरस ने एक बार फिर भारत में दस्तक दे दी है। कोविड-19 के ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट JN.1 के मामलों में अचानक तेजी देखने को मिल रही है। केरल, गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र में नए मामलों की पुष्टि हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 3,000 के पार पहुंच गई है, जो पिछले 6 महीनों में सबसे ज्यादा है।
'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' घोषित
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 को 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' (Variant of Interest) घोषित किया है। हालांकि, डब्ल्यूएचओ का कहना है कि इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा कम है, लेकिन यह तेजी से फैलने में सक्षम है। भारत सरकार ने सभी राज्यों को अलर्ट पर रहने और आरटी-पीसीआर टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा, "घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है, खासकर बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए।"
क्या हैं लक्षण?
डॉक्टरों के मुताबिक, JN.1 के लक्षण हल्के हैं। इसमें बुखार, नाक बहना, गले में खराश और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो रही हैं। अधिकांश मरीज घर पर ही ठीक हो रहे हैं और अस्पताल में भर्ती होने की दर बहुत कम है। सरकार ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सलाह दी है ताकि नए साल के जश्न में यह वायरस बाधा न बने।