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नई दिल्ली/तेल अवीव: 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमास (Hamas) के भीषण आतंकी हमले के बाद शुरू हुए युद्ध में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार ने एक बार फिर तत्परता दिखाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर विदेश मंत्रालय ने 'ऑपरेशन अजय' (Operation Ajay) लॉन्च किया है। इसके तहत विशेष चार्टर्ड उड़ानों के जरिए इजरायल में फंसे करीब 18,000 भारतीयों को वापस लाया जाएगा।
भारत माता की जय के नारों से गूंजा एयरपोर्ट
आज सुबह पहली विशेष उड़ान 212 भारतीयों को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एयरपोर्ट पर यात्रियों का स्वागत किया। अपने वतन लौटते ही लोगों के चेहरों पर राहत की सांस थी और उन्होंने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारे लगाए। कई छात्रों ने बताया कि वहां हालात बेहद डरावने हैं, सायरन बजते ही बंकरों में छिपना पड़ता है। आसमान में हर वक्त रॉकेट और धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
भारत का कूटनीतिक रुख
भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे आतंकवादी कृत्य बताया है, लेकिन साथ ही फिलिस्तीन मुद्दे पर अपने पुराने स्टैंड को भी दोहराया है। ऑपरेशन अजय के तहत सरकार उन सभी भारतीयों का खर्चा उठा रही है जो वापस आना चाहते हैं। इससे पहले भी भारत ने यूक्रेन (ऑपरेशन गंगा) और अफगानिस्तान (ऑपरेशन देवी शक्ति) से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाला था, जो भारत की बढ़ती वैश्विक साख और अपने नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाता है。