नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मौके पर भारत ने चिकित्सा विज्ञान में एक और उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने दुनिया की पहली इंट्रानेजल (नाक से दी जाने वाली) कोविड-19 वैक्सीन 'iNCOVACC' को लॉन्च कर दिया है। इसे भारत बायोटेक ने वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर विकसित किया है।
इस वैक्सीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए इंजेक्शन लगवाने की जरूरत नहीं है; बस नाक में दो बूंदें डाली जाएंगी। इसे बूस्टर डोज के तौर पर मंजूरी मिली है। निजी अस्पतालों में इसकी कीमत 800 रुपये (+ जीएसटी) और सरकारी अस्पतालों में 325 रुपये (+ जीएसटी) तय की गई है। कोविन (CoWIN) ऐप पर इसके लिए स्लॉट बुक किए जा सकते हैं।
यह वैक्सीन नाक के अंदर ही इम्यूनिटी (Mucosal Immunity) बनाती है, जिससे वायरस के प्रवेश और प्रसार को रोका जा सकता है। यह उन लोगों के लिए वरदान साबित होगी जो सुई लगवाने से डरते हैं। भारत बायोटेक के एमडी कृष्णा एल्ला ने इसे 'ग्लोबल गेम चेंजर' बताया है।