सैन फ्रांसिस्को: महीनों की कानूनी लड़ाई और अनिश्चितता के बाद, टेस्ला प्रमुख एलन मस्क (Elon Musk) ने आखिरकार 44 अरब डॉलर में Twitter का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। कमान संभालते ही मस्क ने सबसे पहले भारतीय मूल के सीईओ पराग अग्रवाल (Parag Agrawal) को बर्खास्त (Fire) कर दिया। उनके साथ सीएफओ नेड सहगल और लीगल हेड विजया गड्डे को भी कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पराग अग्रवाल और अन्य अधिकारियों को सैन फ्रांसिस्को मुख्यालय से एस्कॉर्ट करके बाहर निकाला गया। मस्क ने ट्वीट किया, "द बर्ड इज़ फ्रीड" (पंछी आजाद हो गया)। पराग अग्रवाल को डील के तहत करीब 345 करोड़ रुपये (42 मिलियन डॉलर) का हर्जाना मिलने की उम्मीद है। मस्क ने पराग पर निवेशकों को गुमराह करने और बॉट अकाउंट्स की सही जानकारी न देने का आरोप लगाया था।
मस्क ने खुद को 'चीफ ट्विट' घोषित किया है और ट्विटर में बड़े बदलावों के संकेत दिए हैं, जिसमें कर्मचारियों की छंटनी और ब्लू टिक के लिए शुल्क वसूलना शामिल हो सकता है। यह घटनाक्रम सिलिकॉन वैली में भारतीयों के नेतृत्व के लिए एक झटका माना जा रहा है, लेकिन मस्क के विजन को लेकर उत्सुकता भी बनी हुई है।