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Morbi Bridge Collapse: गुजरात के मोरबी में मातम, केबल ब्रिज टूटने से 135 लोगों की जलसमाधि; रेनोवेशन के 5 दिन बाद ही हुआ हादसा

मोरबी (गुजरात): गुजरात के मोरबी जिले में मच्छु नदी पर बने ऐतिहासिक केबल सस्पेंशन ब्रिज (झूलता पुल) के टूटने से एक भीषण त्रासदी हुई है। रविवार (30 अक्टूबर) की शाम को हुए इस हादसे में अब तक 135 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। दिवाली की छुट्टियों के कारण पुल पर क्षमता से अधिक (करीब 400-500) लोग मौजूद थे, जब अचानक पुल की मुख्य केबल टूट गई और सैकड़ों लोग नदी में जा गिरे।

Morbi Bridge Collapse Site
Image Source: Wikimedia Commons (Representative)

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 140 साल पुराना यह पुल 7 महीने की मरम्मत के बाद गुजराती नववर्ष (26 अक्टूबर) पर जनता के लिए फिर से खोला गया था। इसे 'ओरेवा ग्रुप' (Oreva Group) नामक निजी कंपनी द्वारा रेनोवेट किया गया था, जो घड़ियां और ई-बाइक बनाने के लिए जानी जाती है। आरोप है कि कंपनी ने बिना फिटनेस सर्टिफिकेट लिए और म्युनिसिपलिटी की मंजूरी के बिना ही पुल को खोल दिया था। एफआईआर में घोर लापरवाही का जिक्र किया गया है।

चश्मदीदों के मुताबिक, कुछ युवक जानबूझकर पुल को जोर-जोर से हिला रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। एनडीआरएफ, सेना और गरुड़ कमांडो ने रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो गुजरात दौरे पर थे, ने अपना रोड शो रद्द कर दिया और घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने घायलों से अस्पताल में मुलाकात की और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए।

Morbi Bridge Rescue Operation
Image Credit: AI Generated

इस घटना ने देश में पुराने पुलों और पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने ओरेवा ग्रुप के मैनेजरों और टिकट क्लर्कों को गिरफ्तार किया है, लेकिन मुख्य दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। यह गुजरात के इतिहास के सबसे बड़े मानव-जनित हादसों में से एक है।

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