नई दिल्ली: भारत की राजधानी के हृदय स्थल पर आज (8 सितंबर 2022) एक बड़ा ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक जाने वाले मार्ग, जिसे अब तक 'राजपथ' (Kingsway) कहा जाता था, का नया नाम 'कर्तव्य पथ' (Kartavya Path) रखते हुए इसका उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने कहा कि 'राजपथ' ब्रिटिश राज के लिए था, जो गुलामी का प्रतीक था, जबकि 'कर्तव्य पथ' नए भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और कर्तव्यों का प्रतीक है।
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इस भव्य समारोह में पीएम मोदी ने इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 28 फीट ऊंची ग्रेनाइट की प्रतिमा का भी अनावरण किया। यह प्रतिमा उसी छतरी के नीचे स्थापित की गई है जहां कभी ब्रिटिश किंग जॉर्ज पंचम की मूर्ति हुआ करती थी। 65 मीट्रिक टन वजनी यह प्रतिमा अखंड ग्रेनाइट पत्थर से तराशी गई है। पीएम ने कहा, "आज हमने गुलामी की एक और निशानी को मिटा दिया है। नेताजी की यह प्रतिमा हमें राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाती रहेगी।"
पुनर्निर्मित सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में अब लाल ग्रेनाइट के पैदल मार्ग, चारों तरफ हरियाली, नहरों के ऊपर 16 पुल और बेहतर रोशनी की व्यवस्था की गई है। यहां नए वेंडिंग जोन और पार्किंग स्थल भी बनाए गए हैं ताकि आम जनता को पिकनिक मनाने और घूमने में आसानी हो। यह पूरा प्रोजेक्ट 20 महीने में बनकर तैयार हुआ है।
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नाम बदलने पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे, लेकिन सरकार का तर्क है कि 2047 तक विकसित भारत बनने के लिए औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति जरूरी है। यह बदलाव दिल्ली के आर्किटेक्चरल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो शासन (Ruling) से सेवा (Service) की ओर बदलाव को दर्शाता है।