जेनेवा/नई दिल्ली: दुनिया अभी कोरोना महामारी से पूरी तरह उबरी भी नहीं थी कि एक और वायरस ने चिंता बढ़ा दी है। मंकीपॉक्स (Monkeypox) के मामले ब्रिटेन, अमेरिका, स्पेन और पुर्तगाल समेत कई गैर-अफ्रीकी देशों में तेजी से सामने आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्थिति की समीक्षा के लिए इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। यह एक दुर्लभ वायरल बीमारी है जो आमतौर पर मध्य और पश्चिम अफ्रीका में पाई जाती है, लेकिन इसका वैश्विक प्रसार असामान्य है।
भारत सरकार ने भी नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) और हवाई अड्डों को अलर्ट पर रखा है, खासकर अफ्रीका से आने वाले यात्रियों पर नजर रखी जा रही है। मंकीपॉक्स के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और शरीर पर चेचक जैसे दाने निकलना शामिल है। यह संक्रमित व्यक्ति या जानवर के निकट संपर्क से फैलता है।
अच्छी बात यह है कि यह कोविड की तरह हवा से बहुत तेजी से नहीं फैलता और चेचक (Smallpox) की वैक्सीन इस पर 85% तक प्रभावी मानी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है। फिलहाल भारत में इसका कोई मामला सामने नहीं आया है।