मुंबई: देश के सबसे बड़े आईपीओ (IPO) एलआईसी (LIC) की शेयर बाजार में एंट्री उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही। 17 मई को भारतीय जीवन बीमा निगम के शेयर डिस्काउंट के साथ लिस्ट हुए। बीएसई (BSE) पर शेयर 867 रुपये पर लिस्ट हुआ, जो इसके इश्यू प्राइस 949 रुपये से करीब 8.62% कम था। इस गिरावट के कारण निवेशकों को लिस्टिंग के पहले ही दिन हजारों करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
बाजार की कमजोर स्थिति और विदेशी निवेशकों की बिकवाली को इस निराशाजनक प्रदर्शन का मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि, पॉलिसी होल्डर्स और रिटेल निवेशकों को मिले डिस्काउंट ने उनके नुकसान को थोड़ा कम किया। सरकार ने इस आईपीओ के जरिए 21,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो अब तक का रिकॉर्ड है। लिस्टिंग समारोह में दीपम सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि यह केवल शुरुआत है और एलआईसी दीर्घकालिक निवेश के लिए एक मजबूत कंपनी है।
विशेषज्ञों ने निवेशकों को 'होल्ड' (Hold) करने की सलाह दी है और कहा है कि बाजार की स्थिति सुधरने पर शेयर में तेजी आ सकती है। एलआईसी अब रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और इंफोसिस के बाद मार्केट कैप के लिहाज से देश की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी बन गई है।