वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Mosque) विवाद में आज एक ऐसा मोड़ आया है जिसने देश की राजनीति और धार्मिक विमर्श को पूरी तरह बदल दिया है। कोर्ट कमिश्नर के नेतृत्व में तीन दिन तक चले सर्वे के आखिरी दिन (सोमवार) को हिंदू पक्ष ने एक सनसनीखेज दावा किया। उनका कहना है कि मस्जिद के वजूखाने (जहां नमाज से पहले हाथ-पैर धोए जाते हैं) के बीचों-बीच एक विशाल 'शिवलिंग' (Shivling) मिला है।
'बाबा मिल गए': काशी में हर-हर महादेव की गूंज
सर्वे टीम के बाहर आते ही हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन और सोहन लाल आर्य ने मीडिया के सामने खुशी जाहिर करते हुए कहा, "अंदर 12 फीट 8 इंच का शिवलिंग मिला है। नंदी महराज जिसका सदियों से इंतजार कर रहे थे, वो बाबा मिल गए हैं।" यह खबर जंगल की आग की तरह फैली और काशी के घाटों पर श्रद्धालुओं ने 'हर-हर महादेव' के नारे लगाने शुरू कर दिए।
मुस्लिम पक्ष का दावा: यह फव्वारा है
दूसरी तरफ, अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने शिवलिंग के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। मुस्लिम पक्ष के वकीलों का कहना है कि जिसे शिवलिंग बताया जा रहा है, वह दरअसल एक पुराना 'फव्वारा' (Fountain) है जो वजूखाने में लगा हुआ था। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह 1991 के प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट का उल्लंघन है और एक और बाबरी मस्जिद छीनने की साजिश है।
कोर्ट का सख्त एक्शन: जगह सील
दावे की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी कोर्ट के सिविल जज (सीनियर डिविजन) रवि कुमार दिवाकर ने तत्काल प्रभाव से उस जगह को सील करने का आदेश दिया है। डीएम और पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया गया है कि वजूखाने में किसी का भी प्रवेश वर्जित किया जाए और उसकी सुरक्षा सीआरपीएफ (CRPF) के हवाले की जाए।