नई दिल्ली: संसद ने वित्त विधेयक 2022 को मंजूरी दे दी है, जिसके साथ ही क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) पर कराधान (Taxation) के नियम पत्थर की लकीर बन गए हैं। 1 अप्रैल 2022 से सभी वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) जैसे बिटकॉइन, एनएफटी आदि से होने वाली कमाई पर सीधा 30% टैक्स लगेगा। इसके अलावा, सरकार ने स्पष्ट किया है कि एक कॉइन में हुए नुकसान को दूसरे कॉइन के मुनाफे से सेट-ऑफ (Set-off) नहीं किया जा सकेगा, जो निवेशकों के लिए सबसे बड़ा झटका है।
साथ ही, 1 जुलाई 2022 से हर क्रिप्टो ट्रांजैक्शन पर 1% टीडीएस (TDS) भी कटेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा कि सरकार क्रिप्टो को बढ़ावा नहीं देना चाहती, लेकिन जो लोग इसमें निवेश कर रहे हैं, उनसे टैक्स वसूलना जरूरी है। माइनिंग लागत को भी खर्च के रूप में नहीं घटाया जा सकेगा।
इस फैसले से भारतीय क्रिप्टो समुदाय में निराशा है। वजीरेक्स और कॉइनस्विच कुबेर जैसे एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग वॉल्यूम में कमी आने की आशंका है। कई छोटे निवेशक बाजार से निकलने की योजना बना रहे हैं। यह नियम भारत में क्रिप्टो के प्रति सरकार के सख्त रवैये को दर्शाता है।