नई दिल्ली: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होते ही आम आदमी को महंगाई का जोर का झटका लगा है। 137 दिनों के लंबे अंतराल के बाद, सरकारी तेल कंपनियों ने 22 मार्च को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में 80-80 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही घरेलू एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) के दाम भी 50 रुपये बढ़ा दिए गए हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिसका असर अब भारतीय बाजार पर दिखना शुरू हो गया है। दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 96.21 रुपये और डीजल की कीमत 87.47 रुपये प्रति लीटर हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ोतरी की सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में कीमतें 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकती हैं।
विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए कहा है कि चुनाव के दौरान कीमतें रोकी गईं और अब जनता से वसूली की जा रही है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर माल ढुलाई और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे महंगाई दर और बढ़ेगी।