नई दिल्ली: भारत में क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) के भविष्य को लेकर अनिश्चितता के बादल गहरा गए हैं। केंद्र सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र में 'क्रिप्टोकरेंसी और आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक, 2021' पेश करने का फैसला किया है। लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, इस बिल का उद्देश्य भारत में सभी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध (Ban) लगाना है, हालांकि कुछ अपवादों के साथ तकनीक को बढ़ावा देने की अनुमति दी जा सकती है।
इस खबर के आते ही भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंज वजीरेक्स (WazirX) और कॉइनडीसीएक्स पर पैनिक सेलिंग शुरू हो गई और बिटकॉइन, एथेरियम जैसी प्रमुख करेंसी की कीमतों में 15-20% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। सरकार का इरादा आरबीआई द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक डिजिटल करेंसी (CBDC) के लिए एक रूपरेखा तैयार करना भी है।
निवेशक डरे हुए हैं कि उनके पैसे का क्या होगा। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार पूर्ण प्रतिबंध के बजाय सख्त विनियमन (Regulation) ला सकती है, जैसा कि सेबी के माध्यम से किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि अनियमित क्रिप्टो बाजार मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग का जरिया बन सकता है। अब सबकी नजरें संसद के सत्र पर टिकी हैं कि बिल का अंतिम स्वरूप क्या होता है।