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सैन फ्रांसिस्को/मुंबई: दिसंबर 2021 की शुरुआत भारतीय तकनीकी जगत के लिए एक ऐतिहासिक खबर के साथ हुई। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) के सह-संस्थापक जैक डोर्सी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और कंपनी की कमान भारतीय मूल के पराग अग्रवाल (Parag Agrawal) को सौंप दी। महज 37 साल की उम्र में पराग अग्रवाल दुनिया की सबसे प्रभावशाली टेक कंपनियों में से एक के सीईओ बन गए हैं। वे अब सुंदर पिचाई (Google), सत्य नडेला (Microsoft), शांतनु नारायण (Adobe) और अरविंद कृष्णा (IBM) जैसे दिग्गज भारतीय सीईओ की लिस्ट में शामिल हो गए हैं।
आईआईटी बॉम्बे से सिलिकॉन वैली तक
पराग अग्रवाल ने आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) से अपनी पढ़ाई पूरी की और बाद में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। उन्होंने 2011 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में ट्विटर जॉइन किया था और अपनी काबिलियत के दम पर महज 10 साल में कंपनी के शीर्ष पद तक पहुंचे। जैक डोर्सी ने अपने इस्तीफे में लिखा, "पराग पर मेरा भरोसा गहरा है। उनका समय अब आ गया है।"
भारतीयों के लिए गर्व का पल
इस खबर से भारत में खुशी की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर #ParagAgrawal ट्रेंड करने लगा। महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने मजाक में ट्वीट किया, "यह भारतीय सीईओ का वायरस है, जिसका कोई इलाज नहीं है।" विशेषज्ञों का मानना है कि यह नियुक्ति वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में भारतीय शिक्षा प्रणाली और टैलेंट की धाक जमाती है। हालांकि, पराग के सामने सोशल मीडिया पर हेट स्पीच और फेक न्यूज जैसी चुनौतियों से निपटने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।