2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के 'सेमीफाइनल' माने जा रहे नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड जीत हासिल की है। भाजपा ने इतिहास रचते हुए प्रदेश की सभी 17 नगर निगम (Mayoral Seats) सीटों पर कब्जा कर लिया है। यह पहली बार है जब किसी एक पार्टी ने सभी मेयर सीटों पर क्लीन स्वीप किया है।
सपा का सूपड़ा साफ, बसपा की वापसी नाकाम: अखिलेश यादव का धुआंधार प्रचार और मेट्रो मैन श्रीधरन जैसे मुद्दों को उठाने की रणनीति काम नहीं आई। समाजवादी पार्टी (SP) न सिर्फ मेयर की रेस से बाहर हो गई, बल्कि उसके गढ़ माने जाने वाले मुरादाबाद और मेरठ में भी भाजपा ने सेंध लगा दी। वहीं, बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने आगरा और सहारनपुर में कड़ी टक्कर दी, लेकिन जीत नहीं सकी।
भाजपा की जीत के मायने: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और राज्य सरकार के सुशासन की जीत बताया है। लखनऊ से सुषमा खर्कवाल, अयोध्या से गिरीश पति त्रिपाठी और वाराणसी से अशोक तिवारी ने बड़ी जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही यूपी में अब केंद्र और राज्य के बाद शहरों में भी भाजपा की सरकार है, जिसे पार्टी ने 'ट्रिपल इंजन सरकार' (Triple Engine Govt) का नाम दिया है।
ओवैसी की पार्टी की एंट्री: दिलचस्प बात यह रही कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) ने मेरठ में मेयर चुनाव में दूसरा स्थान हासिल कर सपा को तीसरे नंबर पर धकेल दिया, जो पश्चिमी यूपी में मुस्लिम वोट बैंक के खिसकने का संकेत है।