उत्तर प्रदेश का संभल (Sambhal) जिला सुलग उठा है। शाही जामा मस्जिद को 'हरिहर मंदिर' बताने वाली याचिका पर कोर्ट के आदेश के बाद हुए सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग और पुलिसकर्मी घायल हैं। स्थिति को देखते हुए शहर में कर्फ्यू जैसे हालात हैं और इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई है।
कैसे बिगड़े हालात? 19 नवंबर को स्थानीय कोर्ट ने मस्जिद के सर्वे का आदेश दिया था। जब दूसरी बार सर्वे टीम मस्जिद पहुंची, तो हजारों की भीड़ ने उनका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते पथराव और फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। उपद्रवियों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी।
सुप्रीम कोर्ट का दखल: मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया है। शीर्ष अदालत ने निचली अदालत (Trial Court) को फिलहाल आगे की कार्यवाही न करने का निर्देश दिया है और सर्वे रिपोर्ट को सील बंद रखने को कहा है। कोर्ट ने यूपी सरकार से शांति व्यवस्था बनाए रखने को कहा है।
सियासी आरोप-प्रत्यारोप: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे "भाजपा द्वारा प्रायोजित हिंसा" करार दिया है और कहा है कि उपचुनावों में गड़बड़ी से ध्यान हटाने के लिए यह सब किया गया। वहीं, भाजपा ने विपक्ष पर दंगाइयों को भड़काने का आरोप लगाया है। संभल में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है और भारी पुलिस बल तैनात है।