उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras) जिले के रतिभानपुर गांव में मंगलवार को एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे देश को रुला दिया। स्वयंभू संत नारायण साकार हरि उर्फ 'भोले बाबा' (Bhole Baba) के सत्संग के समापन के बाद मची भगदड़ में 121 श्रद्धालुओं की कुचलकर मौत हो गई। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। मंजर इतना भयावह था कि अस्पतालों में लाशों का ढेर लग गया।
कैसे हुआ हादसा? चश्मदीदों के मुताबिक, सत्संग खत्म होने के बाद जब बाबा का काफिला निकल रहा था, तो श्रद्धालु उनकी गाड़ी के पीछे भागे और उनके पैरों की धूल (चरण रज) उठाने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान भीड़ बेकाबू हो गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए। बारिश और कीचड़ की वजह से फिसलन थी, जिससे लोग उठ नहीं पाए और कुचल दिए गए।
प्रशासन की लापरवाही उजागर: रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्यक्रम में 80,000 लोगों की अनुमति थी, लेकिन वहां 2.5 लाख से ज्यादा की भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस और सेवादारों के बीच तालमेल की भारी कमी दिखी। बाबा के निजी सुरक्षा गार्डों (Black Commandos) ने भीड़ को धक्का दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
सीएम योगी ने दिए सख्त आदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना स्थल का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने एडीजी आगरा की अध्यक्षता में एसआईटी (SIT) जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि "दोषी चाहे कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।" एफआईआर दर्ज कर ली गई है, लेकिन मुख्य आरोपी 'भोले बाबा' अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।