उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में आज दिन भर सियासी ड्रामा चलता रहा और नतीजा वही हुआ जिसका डर समाजवादी पार्टी (SP) को था। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी रणनीति से बाजी पलट दी और अपने सभी 8 उम्मीदवारों को जिताने में कामयाब रही। वहीं, सपा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा और उनका तीसरा उम्मीदवार चुनाव हार गया।
सपा में सेंधमारी, मनोज पांडेय का इस्तीफा: सुबह वोटिंग शुरू होने से ठीक पहले सपा के मुख्य सचेतक (Chief Whip) मनोज पांडेय ने अपने पद से इस्तीफा देकर भाजपा के पाले में जाने का संकेत दे दिया। वोटिंग के दौरान सपा के कुल 7 विधायकों (जिनमें राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी शामिल हैं) ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ जाकर भाजपा प्रत्याशी संजय सेठ के पक्ष में 'क्रॉस वोटिंग' (Cross Voting) की। इन बागी विधायकों ने "अंतरात्मा की आवाज" और "राम मंदिर दर्शन" को वजह बताया।
संजय सेठ जीते, आलोक रंजन हारे: इस क्रॉस वोटिंग के चलते भाजपा के आठवें उम्मीदवार संजय सेठ ने सपा के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन को हरा दिया। सपा की ओर से जया बच्चन और रामजी लाल सुमन तो जीत गए, लेकिन तीसरे प्रत्याशी की हार ने अखिलेश यादव की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अखिलेश यादव का तंज: नतीजों के बाद अखिलेश यादव ने कहा, "जिन्हें जाना था, वे चले गए। भाजपा ने डरा-धमका कर और लालच देकर वोट लिए हैं। यह लोकतंत्र के लिए काला दिन है।" वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी टीम के साथ विधानसभा में विजयी चिन्ह (Victory Sign) दिखाकर जश्न मनाया। यह जीत लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाली है।