उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई है। यह वारदात उस वक्त हुई जब पुलिस दोनों को मेडिकल चेकअप के लिए कॉल्विन अस्पताल ले जा रही थी।
लाइव कैमरे पर मर्डर (Shocking Incident): रात करीब 10:30 बजे, जब मीडियाकर्मी अतीक और अशरफ से सवाल पूछ रहे थे, तभी मीडिया के भेष में आए तीन हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। यह पूरी घटना लाइव टीवी कैमरों में कैद हो गई। हमलावरों ने कनपटी से सटाकर गोली मारी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। गोलीबारी के तुरंत बाद तीनों हमलावरों—लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्य—ने सरेंडर कर दिया और "जय श्री राम" के नारे लगाए।
बेटे के एनकाउंटर के दो दिन बाद मौत: महज दो दिन पहले ही अतीक के बेटे असद का झांसी में यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर किया था। अतीक ने उस वक्त कहा था, "मिट्टी में मिल गए हैं।" लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि असद के सुपुर्द-ए-खाक होने के कुछ घंटों बाद ही अतीक का भी अंत हो जाएगा।
पूरे यूपी में धारा 144 लागू: इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 (Section 144) लागू कर दी गई है। प्रयागराज में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं और संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। विपक्षी दलों ने पुलिस कस्टडी में हुई इस हत्या को 'जंगलराज' बताते हुए सरकार को घेरा है।