प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बीती रात (15 अप्रैल) एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे देश को सन्न कर दिया। माफिया डॉन और पूर्व सांसद अतीक अहमद (Atiq Ahmed) और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह हत्या लाइव कैमरों के सामने तब हुई जब पुलिस उन्हें मेडिकल चेकअप के लिए कॉल्विन अस्पताल ले जा रही थी।
पत्रकार बनकर आए थे हमलावर
रात करीब 10:30 बजे जैसे ही अतीक और अशरफ पुलिस जीप से उतरकर मीडिया के सवालों का जवाब देने लगे, तभी पत्रकार के भेष में आए तीन हमलावरों—लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्य—ने पॉइंट ब्लैंक रेंज से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अतीक के कनपटी पर सटाकर गोली मारी गई। दोनों भाई मौके पर ही ढेर हो गए। हत्या के बाद तीनों शूटरों ने हाथ खड़े कर सरेंडर कर दिया और 'जय श्री राम' के नारे लगाए।
'मिट्टी में मिला दूंगा' - योगी का प्रण पूरा?
यह घटना अतीक के बेटे असद के एनकाउंटर के ठीक दो दिन बाद हुई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा था, "इस माफिया को मिट्टी में मिला देंगे।" इस हत्याकांड के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई है। प्रयागराज में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। विपक्षी दलों ने इसे कानून व्यवस्था की विफलता बताया है, जबकि सोशल मीडिया पर एक वर्ग इसे 'इंसाफ' बता रहा है।