Politics

View all
Loading HD Images...

Cricket

View All

Atiq Ahmed Murder: प्रयागराज में 'माफिया राज' का खौफनाक अंत; लाइव टीवी पर अतीक और अशरफ की हत्या, पत्रकार बनकर आए थे शूटर

Atiq Ahmed Murder Prayagraj

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 15 अप्रैल 2023 की रात को जो हुआ, उसने पूरे देश की कानून व्यवस्था और मीडिया जगत को सन्न कर दिया। माफिया डॉन से राजनेता बने अतीक अहमद (Atiq Ahmed) और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना तब हुई जब पुलिस दोनों को रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल ले जा रही थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि यह पूरी वारदात राष्ट्रीय टेलीविजन पर लाइव प्रसारित हुई, क्योंकि मीडियाकर्मी अतीक से सवाल पूछ रहे थे।

18 सेकेंड में खेल खत्म

रात करीब 10:30 बजे, जैसे ही अतीक और अशरफ पुलिस जीप से उतरे, मीडिया ने उन्हें घेर लिया। अतीक अपने बेटे असद (जिसका दो दिन पहले एनकाउंटर हुआ था) के जनाजे में न जा पाने पर कुछ बोल ही रहा था कि अचानक भीड़ में से एक पिस्टल निकली और सीधे अतीक की कनपटी पर सटाकर गोली चला दी गई। अतीक जमीन पर गिर पड़ा। इसके तुरंत बाद उसके भाई अशरफ पर भी ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं। महज 18 सेकेंड के अंदर तीन हमलावरों ने अत्याधुनिक जिगाना पिस्टल से करीब 20 राउंड फायरिंग की और दोनों भाइयों को मौके पर ही ढेर कर दिया।

पत्रकार के भेष में आए थे हमलावर

तीनों हमलावर—लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्य—पत्रकार बनकर वहां पहुंचे थे। उनके गले में फर्जी आईडी कार्ड लटक रहे थे और हाथों में डमी कैमरा और माइक था। हत्या को अंजाम देने के बाद तीनों ने भागने की कोशिश नहीं की, बल्कि हाथ ऊपर उठाकर सरेंडर कर दिया और "जय श्री राम" के नारे लगाए। पुलिस ने तुरंत उन्हें हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे बड़ा माफिया बनकर अपना नाम कमाना चाहते थे।

पूरे यूपी में हाई अलर्ट, धारा 144 लागू

इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई और प्रयागराज में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। यह घटना उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्रवाई का चरम थी। विपक्ष ने जहां इसे "जंगलराज" और "कानून की विफलता" बताया, वहीं सोशल मीडिया पर एक बड़े वर्ग ने इसे "कर्मों का फल" और "इंसाफ" करार दिया। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया और पुलिस कस्टडी में हुई हत्या पर सवाल उठाए।

Previous Post Next Post