नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस के मामलों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में दैनिक मामलों की संख्या 10,000 के पार पहुंच गई है, जो पिछले 7-8 महीनों में सबसे अधिक है। इस उछाल के पीछे ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट XBB.1.16 (Arcturus) मुख्य कारण बताया जा रहा है। यह वैरिएंट बहुत तेजी से फैलता है और बच्चों में आंखों में खुजली (Conjunctivitis) जैसे नए लक्षण पैदा कर रहा है।
बढ़ते मामलों को देखते हुए हरियाणा, केरल और पुडुचेरी जैसे राज्यों ने सार्वजनिक स्थानों, अस्पतालों और स्कूलों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। दिल्ली और महाराष्ट्र में भी मॉक ड्रिल की गई है ताकि अस्पतालों की तैयारियों को परखा जा सके। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को जीनोम सीक्वेंसिंग और टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या कम है और यह लहर पिछले वेव जितनी घातक नहीं होगी। लेकिन बुजुर्गों और कोमोरबिडिटी वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सीरम इंस्टीट्यूट ने कोविशील्ड का उत्पादन फिर से शुरू कर दिया है।