उत्तर प्रदेश के उपचुनावों (UP Bypolls) के नतीजों ने आज मिली-जुली तस्वीर पेश की है। समाजवादी पार्टी के लिए यह दिन खुशी और गम दोनों लेकर आया। जहाँ मैनपुरी लोकसभा सीट पर डिंपल यादव ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर 'नेताजी' की विरासत को संभाल लिया, वहीं रामपुर सदर विधानसभा सीट पर भाजपा ने पहली बार कमल खिलाकर आज़म खान के 45 साल पुराने वर्चस्व को खत्म कर दिया।
मैनपुरी: बहु ने तोड़े ससुर के रिकॉर्ड मुलायम सिंह यादव के निधन से खाली हुई मैनपुरी सीट पर उनकी बहु और सपा प्रत्याशी डिंपल यादव ने 2.88 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। यह अंतर मुलायम सिंह यादव की पिछली जीत से भी बड़ा है। शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के एक साथ आने का असर यहाँ साफ दिखाई दिया।
रामपुर: आज़म खान के गढ़ में भगवा सबसे बड़ा उलटफेर रामपुर में हुआ। नफरती भाषण मामले में आज़म खान की विधायकी जाने के बाद हुए इस चुनाव में भाजपा के आकाश सक्सेना ने सपा उम्मीदवार आसिम रजा को हरा दिया है। यह पहली बार है जब रामपुर शहर सीट पर किसी गैर-मुस्लिम और भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। इसे आज़म खान के राजनीतिक करियर का अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।
खतौली में रालोद का डंका: उधर, मुजफ्फरनगर की खतौली सीट पर सपा-रालोद गठबंधन के मदन भैया ने भाजपा की राजकुमारी सैनी को हरा दिया है।
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि मैनपुरी की जीत सपा के लिए 'संजीवनी' है, लेकिन रामपुर की हार यह संकेत देती है कि भाजपा अब मुस्लिम बहुल इलाकों में भी अपनी पैठ बना चुकी है, जो 2024 के लिए बड़ा संकेत है।