न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधारों की जोरदार वकालत की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "21वीं सदी की वास्तविकताओं को नजरअंदाज कर यूएन अपनी प्रासंगिकता खो देगा।" भारत ने स्थायी सदस्यता के लिए अपना दावा मजबूती से पेश किया।
अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने भारत की दावेदारी का खुला समर्थन किया है। पीएम मोदी ने ग्लोबल साउथ की आवाज बनते हुए जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर दुनिया को एकजुट होने का आह्वान किया।
इस दौरान 'समिट ऑफ द फ्यूचर' में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की वैश्विक नेताओं ने सराहना की। यह भाषण भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक ताकत का प्रदर्शन था।