नई दिल्ली: 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक घोषणा की है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत अब देश के हर नागरिक के लिए 'आभा कार्ड' (ABHA - Ayushman Bharat Health Account) अनिवार्य कर दिया गया है। 1 अक्टूबर 2025 से सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी और भर्ती के लिए यह डिजिटल हेल्थ कार्ड जरूरी होगा।
पर्ची और फाइलों का झंझट खत्म
पीएम मोदी ने कहा, "अब आपको डॉक्टर के पास अपनी पुरानी फाइलों का बंडल ले जाने की जरूरत नहीं है। आपका पूरा मेडिकल इतिहास—ब्लड रिपोर्ट, एक्स-रे, दवाओं की पर्ची—सब कुछ इस एक कार्ड में डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा।" डॉक्टर एक क्लिक पर मरीज की पूरी हिस्ट्री देख सकेंगे, जिससे गलत इलाज (Wrong Diagnosis) की संभावना खत्म हो जाएगी।
प्राइवेसी पर सरकार का भरोसा
विपक्ष द्वारा डेटा चोरी की आशंकाओं पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मरीज की सहमति (OTP) के बिना कोई भी डॉक्टर या अस्पताल उनका डेटा नहीं देख पाएगा। यह डेटा पूरी तरह एनक्रिप्टेड होगा। इसके साथ ही, जन औषधि केंद्रों पर इस कार्ड को दिखाने पर दवाओं पर अतिरिक्त 10% की छूट भी मिलेगी। इसे भारत के हेल्थकेयर सिस्टम का 'UPI मोमेंट' कहा जा रहा है।