बेंगलुरु: मंगल और चांद के बाद अब इसरो की नजरें शुक्र ग्रह (Venus) पर हैं। इसरो ने अपने मिशन 'शुक्रयान-1' (Shukrayaan-1) के लिए अंतिम तैयारी शुरू कर दी है और घोषणा की है कि इसे 2026 के मध्य में लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन का उद्देश्य शुक्र के घने वातावरण और उसकी सतह के नीचे छिपे रहस्यों का अध्ययन करना है।
इसरो चीफ एस सोमनाथ ने बताया कि पेलोड्स का एकीकरण शुरू हो गया है। स्वीडन और फ्रांस जैसे देश भी इस मिशन में अपने उपकरणों के साथ सहयोग कर रहे हैं। शुक्र को 'पृथ्वी की जुड़वां बहन' कहा जाता है, लेकिन वहां का वातावरण नरक जैसा गर्म है। वैज्ञानिक जानना चाहते हैं कि पृथ्वी और शुक्र का विकास इतना अलग क्यों हुआ।
यह मिशन भारत की ग्रहों के अन्वेषण (Planetary Exploration) क्षमता को और मजबूती देगा। बजट में इसके लिए विशेष आवंटन किया गया है।