बेंगलुरु: चंद्रयान-3 की सफलता के बाद इसरो (ISRO) ने अपने अगले बड़े मिशन 'चंद्रयान-4' (Chandrayaan-4) की विस्तृत योजना (ब्लूप्रिंट) जारी कर दी है। इसरो प्रमुख ने बताया कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह से चट्टान और मिट्टी के नमूने (Sample Return) पृथ्वी पर वापस लाना है। यह एक जटिल मिशन होगा जिसे दो चरणों में लॉन्च किया जाएगा।
चंद्रयान-4 में डॉकिंग और अनडॉकिंग तकनीक का इस्तेमाल होगा, जो भविष्य में भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। इसरो ने 2028 तक इस मिशन को लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है। इसमें जापान की स्पेस एजेंसी JAXA का भी सहयोग लिया जाएगा (LUPEX मिशन के तहत)।
अगर भारत इसमें सफल होता है, तो वह अमेरिका, रूस और चीन के बाद चांद से नमूने लाने वाला चौथा देश बन जाएगा। यह मिशन चंद्रमा पर मानव बस्ती बसाने की संभावनाओं को तलाशेगा।