श्रीहरिकोटा: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज एक और मील का पत्थर पार कर लिया है। भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' (Gaganyaan) के तहत आज पहली मानवरहित उड़ान (Unmanned Flight G1) सफलतापूर्वक लॉन्च की गई। इसमें कोई इंसान नहीं, बल्कि इसरो द्वारा विकसित लेडी रोबोट 'व्योममित्र' (Vyommitra) को अंतरिक्ष में भेजा गया है।
क्या करेगी व्योममित्र?
व्योममित्र एक ह्यूमनॉइड रोबोट है जो अंतरिक्ष में इंसानों की तरह व्यवहार करेगी। यह मिशन यह जांचने के लिए है कि अंतरिक्ष का वातावरण, तापमान और दबाव इंसानी शरीर पर कैसा असर डालता है। रॉकेट LVM3 ने व्योममित्र को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित कर दिया है। तीन दिन बाद यह मॉड्यूल सुरक्षित बंगाल की खाड़ी में लैंड करेगा।
2026 में जाएंगे भारतीय एस्ट्रोनॉट
इसरो चीफ एस सोमनाथ ने कहा, "यह सफलता हमें विश्वास दिलाती है कि हम अपने एस्ट्रोनॉट्स को सुरक्षित अंतरिक्ष में भेजकर वापस ला सकते हैं।" अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो 2026 की शुरुआत में भारत अपने 'गगननॉट्स' (Gaganauts) को अंतरिक्ष में भेजेगा और ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।