नई दिल्ली/जयपुर: भारत के बुनियादी ढांचे में एक क्रांतिकारी अध्याय जुड़ गया है। दिल्ली और जयपुर के बीच देश के पहले इलेक्ट्रिक हाईवे (E-Highway) का ट्रायल रन 22 मई को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस हाईवे पर इलेक्ट्रिक बसें और ट्रक ओवरहेड केबल्स (पेंटोग्राफ तकनीक) के जरिए चलते हुए नजर आए, बिल्कुल ट्रेनों की तरह।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इससे लॉजिस्टिक लागत में 70% तक की कमी आएगी और प्रदूषण भी घटेगा। यह हाईवे दिल्ली और जयपुर के बीच यात्रा के समय को घटाकर महज 2 घंटे कर देगा। इसे पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा।
आम जनता के लिए इसे 2025 के अंत तक खोलने की योजना है। यह तकनीक जर्मनी और स्वीडन की तर्ज पर विकसित की गई है। इसके सफल होने पर इसे अन्य प्रमुख मार्गों पर भी लागू किया जाएगा।