नई दिल्ली: कोविड के कारण 2021 में टली जनगणना की प्रक्रिया आज (20 मई 2025) से आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसे भारत की पहली 'डिजिटल जनगणना' (Digital Census) घोषित किया है। इस बार सरकारी प्रगणकों (Enumerators) के घर आने का इंतजार करने के बजाय नागरिक एक विशेष पोर्टल और ऐप के जरिए अपना डेटा खुद अपडेट (Self-Enumeration) कर सकेंगे।
क्या जाति के कॉलम होंगे?
विपक्ष के भारी दबाव और राजनीतिक उठापटक के बीच, सरकार ने जनगणना फॉर्म में 'सामाजिक-आर्थिक संकेतकों' को शामिल किया है, लेकिन बिहार की तर्ज पर सीधी 'जातिगत जनगणना' (Caste Census) को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। हालांकि, ओबीसी (OBC) डेटा को लेकर एक अलग कॉलम जोड़े जाने की खबरें हैं।
2026 में परिसीमन की तैयारी
यह जनगणना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके आंकड़ों के आधार पर ही 2026 के बाद लोकसभा सीटों का परिसीमन (Delimitation) होना है। दक्षिण भारतीय राज्य इस बात को लेकर आशंकित हैं कि जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उनकी सीटें कम न हो जाएं।