नई दिल्ली: कोविड के कारण 4 साल की देरी के बाद, भारत की दशकीय जनगणना (Census 2025) 1 अप्रैल से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। यह देश की पहली डिजिटल जनगणना (Digital Census) होगी, जिसमें नागरिक खुद एक मोबाइल ऐप के जरिए अपना डेटा भर सकेंगे। इसके लिए एक विशेष पोर्टल भी लॉन्च किया गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने पहले चरण (मकान सूचीकरण) का उद्घाटन किया। सरकार ने दावा किया है कि डिजिटल प्रक्रिया से डेटा अधिक सटीक होगा और परिणाम जल्दी आएंगे। हालांकि, विपक्ष की मांग के बावजूद जातिगत जनगणना (Caste Census) को लेकर सरकार ने अभी तक स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है, केवल एससी/एसटी की गिनती की जाएगी।
जनगणना 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद लोकसभा सीटों के परिसीमन (Delimitation) का काम शुरू होगा। यह डेटा सरकारी योजनाओं को सही लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद करेगा।