जेनेवा: तीन साल से अधिक समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध में पहली बार शांति की किरण दिखाई दी है। स्विट्जरलैंड की मध्यस्थता में 20 मार्च को जेनेवा में रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडलों के बीच आधिकारिक शांति वार्ता (Peace Talks) शुरू हुई। इस बैठक में दोनों पक्षों ने युद्ध विराम और कैदियों की अदला-बदली पर चर्चा की।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव और वैश्विक आर्थिक संकट के चलते दोनों देश बातचीत की मेज पर आए हैं। हालांकि, अभी भी क्षेत्रीय नियंत्रण को लेकर मतभेद गहरे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस पहल का स्वागत किया है और इसे 'दुनिया के लिए राहत' बताया है।
भारत ने भी इस वार्ता का समर्थन किया है और कहा है कि "यह युद्ध का युग नहीं है।" अगर यह वार्ता सफल होती है, तो यह 21वीं सदी की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत होगी।