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प्रयागराज: दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक समागम महाकुंभ 2025 (Maha Kumbh 2025) का आज (14 जनवरी, मकर संक्रांति) विधिवत शुभारंभ हो गया। संगम नगरी प्रयागराज में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि तिल रखने की जगह नहीं बची। पहले 'शाही स्नान' के मौके पर कड़ाके की ठंड के बावजूद करीब 2 करोड़ श्रद्धालुओं और साधु-संतों ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पवित्र डुबकी लगाई।
अखाड़ों का वैभव और हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा
सबसे बड़ा आकर्षण 13 अखाड़ों का शाही जुलूस (Peshwai) रहा। नागा साधुओं ने भस्म रमाकर और 'हर हर महादेव' के जयकारों के साथ संगम में स्नान किया। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से फूलों की बारिश की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मेला क्षेत्र का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा, "यह कुंभ 'स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित' होने के साथ-साथ 'डिजिटल कुंभ' भी होगा।"
AI और हाईटेक सुरक्षा
इस बार कुंभ में तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। भीड़ नियंत्रण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वाले 10,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पूरा मेला क्षेत्र 'नो प्लास्टिक जोन' घोषित है। 45,000 हेक्टेयर में बसा यह अस्थायी शहर दुनिया के लिए प्रबंधन की एक मिसाल पेश कर रहा है। विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में भारतीय संस्कृति के इस अद्भुत रूप को देखने पहुंचे हैं।