प्रयागराज (Prayagraj): धर्म, आस्था और संस्कृति के सबसे बड़े समागम महाकुंभ 2025 (Mahakumbh 2025) ने आज एक ऐसा स्वर्णिम इतिहास रच दिया है, जिसे आने वाली सदियां याद रखेंगी। मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के पावन पर्व पर आज संगम नगरी में आस्था का ऐसा ज्वार उमड़ा कि जल और थल का भेद मिट गया। मेला प्रशासन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आज सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक लगभग 5 करोड़ 10 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। यह संख्या 2019 के कुंभ के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ गई है।
देवलोक जैसा नजारा: आसमान से पुष्प वर्षा
ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 3:30 बजे) में जैसे ही शाही अखाड़ों का जुलूस अपने शिविरों से संगम तट की ओर बढ़ा, पूरा वातावरण "हर-हर महादेव", "जय श्री राम" और "गंगा मैया की जय" के उद्घोष से गूंज उठा। सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े और अटल अखाड़े के नागा साधुओं ने शाही स्नान किया। अपनी परंपरा के अनुसार, भस्म रमी काया, हाथों में त्रिशूल और तलवारें लिए नागा साधुओं का यह रूप देखकर विदेशी पर्यटक और श्रद्धालु मंत्रमुग्ध रह गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने इस बार श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए थे। जैसे ही पहला शाही स्नान शुरू हुआ, आसमान में मंडराते हेलिकॉप्टरों से टनों गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश की गई। यह दृश्य इतना अलौकिक था कि ऐसा लग रहा था मानो देवता स्वयं स्वर्ग से पुष्प वर्षा कर रहे हों।
'स्मार्ट कुंभ' की मिसाल: AI और टेक्नोलॉजी का पहरा
5 करोड़ की भीड़ को नियंत्रित करना किसी मानवीय चमत्कार से कम नहीं था, लेकिन यूपी सरकार ने इसे टेक्नोलॉजी के जरिए संभव कर दिखाया। इस बार का कुंभ पूरी तरह से 'डिजिटल और स्मार्ट' था:
- AI-Enabled Surveillance: पूरे 4000 हेक्टेयर में फैले मेला क्षेत्र में 5,000 से ज्यादा एआई (AI) कैमरे लगाए गए थे। ये कैमरे भीड़ के दबाव (Crowd Density) को रियल टाइम में माप रहे थे और कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज रहे थे, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति को टाला जा सका।
- Digital Lost & Found: कुंभ में अपनों से बिछड़ने का डर हमेशा रहता है, लेकिन इस बार 'खोया-पाया' केंद्र को हाईटेक किया गया। फेस रिकग्निशन तकनीक की मदद से बिछड़े हुए 1200 से ज्यादा बच्चों और बुजुर्गों को महज कुछ घंटों में उनके परिवार से मिला दिया गया।
- Green Kumbh Initiative: इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद संगम की रेत पर गंदगी नहीं दिखी। 15,000 सफाईकर्मी और रोबोटिक मशीनों ने 'स्वच्छ भारत' मिशन को नई ऊंचाई दी। प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया गया।
सीएम योगी ने दी बधाई
स्नान संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन, पुलिस और सफाईकर्मियों की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा, "यह आयोजन नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की क्षमता का प्रदर्शन है। महाकुंभ 2025 ने सनातन संस्कृति की ध्वजा को विश्व पटल पर और ऊंचा किया है।"