नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर खतरनाक रूप ले लिया है। 18 नवंबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 के पार पहुंचकर 'गंभीर प्लस' (Severe Plus) श्रेणी में चला गया। धुंध की मोटी परत ने पूरे शहर को ढक लिया, जिससे दृश्यता (Visibility) शून्य हो गई और लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद सीएक्यूएम (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से GRAP-4 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) लागू कर दिया। इसके तहत दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर रोक (आवश्यक सेवाओं को छोड़कर) और निर्माण कार्यों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। दिल्ली सरकार ने 12वीं तक के सभी स्कूलों को बंद कर ऑनलाइन क्लास चलाने का आदेश दिया है।
सरकारी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक एक्यूआई कम नहीं होता, ग्रैप-4 नहीं हटाया जाएगा। पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं और प्रतिकूल मौसम को इस स्थिति का जिम्मेदार माना जा रहा है।